Chandragupta Maurya as a child playing Rajkaleem - early days of the great Indian ruler
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क्या मौर्य वंश शूद्र था? ऐतिहासिक साक्ष्यों से जानें जाति की उत्पत्ति

मौर्य साम्राज्य – जाति, वर्ग और शूद्र-क्षत्रिय बहस   मौर्य साम्राज्य भारतीय इतिहास का एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक मोड़ था, जिसकी स्थापना सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य ने की थी। मौर्य वंश की उत्पत्ति, विशेषकर चंद्रगुप्त की जाति भारत के इतिहास में लगातार विवाद का विषय रही है। कुछ स्रोत उन्हें शूद्र बताते हैं, जबकि अन्य उन्हें […]

भारत में दास प्रथा का इतिहास,
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भारत में दास प्रथा: इतिहास, प्रकार और अधिकार

प्राचीन भारत में दास प्रथा    भारत में दास प्रथा की शुरुआत प्राचीन ऋग्वेद काल से मानी जाती है। ऋग्वेद में ‘दास’, ‘दस्यु’ और ‘असुर’ शब्दों का प्रयोग आर्यों से भिन्न वर्ण के रूप में हुआ है। कुछ विद्वान मानते हैं कि ये लोग द्रविड़ भाषा बोलते थे और इन्हें सैन्धव सभ्यता का निर्माता माना

एंग्लो-सिख युद्ध,
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रंजीत सिंह के बाद पंजाब और एंग्लो-सिख युद्ध

  रंजीत सिंह के बाद पंजाब    रंजीत सिंह ने अपनी महान नेतृत्व क्षमता से पंजाब में एक सशक्त सिख राज्य की नींव रखी थी, लेकिन उनकी मृत्यु के बाद वह राज्य स्थिर नहीं रह सका। रंजीत सिंह का शासन सैन्य व्यवस्था पर आधारित था, और उनका तानाशाही तरीका था। जैसा अक्सर किसी व्यक्ति के

महाराजा रंजीत सिंह
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रंजीत सिंह: सिख साम्राज्य के उदय, धरोहर और पतन की कहानी

मुगल सत्ता की कमजोरी और सिख मिसलों का उभार    18वीं शताब्दी में मुगल साम्राज्य की कमजोरी और आंतरिक संघर्षों ने सिख मिसलों (सैनिक भाईचारे, जिनकी लोकतांत्रिक व्यवस्था थी) को उभरने का एक सुनहरा अवसर दिया। अहमद शाह अब्दाली के आक्रमणों ने पंजाब में अराजकता फैलने का कारण बना, जिससे सिखों को अपनी ताकत बढ़ाने

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अंग्रेजो द्वारा सिंध का अधिग्रहण: कारण और प्रभाव

  सिंध का अधिग्रहण: ब्रिटिश साम्राज्य का विस्तार    18वीं सदी में सिंध पर कल्होरा परिवार का राज था। नादिरशाह के आक्रमण के बाद इस क्षेत्र का मुगलों से संपर्क टूट गया। 1771 में, बलूच जनजाति के तालपुर लोग पहाड़ों से उतरकर सिंध के मैदानों में बस गए। वे मीर सुलेमान काको के वंशज थे।

पिंडारी कौन थे? 
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पिंडारी कौन थे : उत्पत्ति, संघर्ष, और ब्रिटिश विजय

पिंडारी कौन थे और वे अंग्रेजों के लिए इतनी बड़ी चुनौती क्यों बन गए?   18वीं–19वीं सदी में पिंडारियों का आतंक मराठा राज्यों और ब्रिटिश शासन दोनों के लिए सिरदर्द बना रहा। इस लेख में पढ़ें: पिंडारियों की उत्पत्ति उनके छापामार हमले ब्रिटिश कार्रवाई-पिंडारी युद्ध अंतिम दमन इतिहास में उनका स्थान पिंडारी कौन थे?   

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