Author name: Vivek Singh

Vivek Singh is the founder of Tareek-e-Jahan, a Hindi history blog offering evidence-based and exam-oriented perspectives on Indian history.

कुतुब परिसर में स्थित लौह स्तंभ और महरौली स्तंभ लेख
ancient India

महरौली स्तंभ लेख: चन्द्रगुप्त द्वितीय की ऐतिहासिक पहचान का निर्णायक प्रमाण

महरौली स्तंभ लेख: स्थल, संरचना और ऐतिहासिक संदर्भ   दिल्ली के महरौली क्षेत्र से प्राप्त लौह स्तंभ, जो वर्तमान में कुतुब परिसर में स्थापित है, प्राचीन भारतीय इतिहास का एक अत्यंत महत्वपूर्ण भौतिक एवं पुरालेखीय साक्ष्य है। इस स्तंभ पर उत्कीर्ण महरौली स्तंभ लेख में ‘चन्द्र’ नामक एक शासक की उपलब्धियों का वर्णन तीन संस्कृत […]

चंद्रगुप्त द्वितीय के विजय अभियान का गुप्त साम्राज्य मानचित्र
ancient India

चंद्रगुप्त द्वितीय के विजय अभियान: शकों का पतन और गुप्त साम्राज्य का विस्तार

  चंद्रगुप्त द्वितीय का उदय और शासनकाल : विजय अभियानों की पृष्ठभूमि   चंद्रगुप्त द्वितीय के विजय अभियान गुप्त साम्राज्य के राजनीतिक इतिहास में एक निर्णायक मोड़ का प्रतिनिधित्व करते हैं। ये अभियान केवल सैन्य सफलताओं तक सीमित नहीं थे, बल्कि सुविचारित कूटनीति, वैवाहिक गठबंधनों और दीर्घकालिक साम्राज्यवादी दृष्टि का परिणाम थे। समुद्रगुप्त के पश्चात्

रामगुप्त की ऐतिहासिकता दर्शाती गुप्तकालीन ताम्र मुद्राएँ
ancient India

रामगुप्त की ऐतिहासिकता: क्या गुप्त इतिहास में उसका अस्तित्व वास्तविक था?

गुप्तकालीन इतिहास के अध्ययन में रामगुप्त की ऐतिहासिकता एक ऐसा प्रश्न है जिसने आधुनिक इतिहासलेखन को गहराई से प्रभावित किया है। लंबे समय तक इतिहासकारों का यह मत रहा कि समुद्रगुप्त की मृत्यु के पश्चात् सीधे चन्द्रगुप्त द्वितीय विक्रमादित्य गुप्त साम्राज्य की गद्दी पर आरूढ़ हुए। परंतु बीसवीं शताब्दी के आरंभ में जैसे-जैसे साहित्यिक, अभिलेखीय

समुद्रगुप्त की उपलब्धियां दर्शाते अश्वमेध और स्वर्ण सिक्के
ancient India

समुद्रगुप्त की उपलब्धियां: साम्राज्य निर्माण, संस्कृति और ऐतिहासिक मूल्यांकन

समुद्रगुप्त और गुप्त साम्राज्य का उत्कर्ष   समुद्रगुप्त की उपलब्धियां चौथी शताब्दी ईस्वी के भारत में साम्राज्य-निर्माण, शासन और संस्कृति के नए मानक स्थापित करती हैं। चौथी शताब्दी ईस्वी का भारत किसी एक सत्ता के अधीन नहीं था। राजनीतिक मानचित्र छोटे-छोटे राज्यों, गणराज्यों और महत्वाकांक्षी राजाओं से भरा हुआ था। गुप्त वंश का राज्य भी

समुद्रगुप्त की प्रशासनिक व्यवस्था दर्शाता गुप्तकालीन स्वर्ण मुद्रा
ancient India

समुद्रगुप्त की प्रशासनिक व्यवस्था: गुप्तकालीन शासन, पदाधिकारी और ऐतिहासिक विश्लेषण

साम्राज्य, शासन और प्रशासनिक पृष्ठभूमि   अपनी व्यापक विजयों के परिणामस्वरूप समुद्रगुप्त ने जिस विशाल साम्राज्य की स्थापना की, उसकी स्थिरता और विस्तार का आधार उसकी प्रशासनिक नीति और समुद्रगुप्त की प्रशासनिक व्यवस्था थी। विशाल साम्राज्य की सीमाएँ उत्तर में हिमालय से लेकर दक्षिण में विंध्य पर्वत तक तथा पूर्व में बंगाल की खाड़ी से

ancient India

समुद्रगुप्त के विजय अभियान: आर्यावर्त से दक्षिणापथ तक साम्राज्य विस्तार

समुद्रगुप्त के विजय अभियान की पृष्ठभूमि   राजधानी पाटलिपुत्र में अपनी सत्ता को सुदृढ़ कर लेने के पश्चात् समुद्रगुप्त ने जिन सैन्य कार्रवाइयों का आरम्भ किया, वे केवल उत्तराधिकार की सुरक्षा तक सीमित नहीं थीं। समुद्रगुप्त के विजय अभियान एक सुविचारित साम्राज्यवादी नीति का परिणाम थे, जिनका उद्देश्य राजनीतिक वर्चस्व, शक्ति-संतुलन का पुनर्निर्माण और गुप्त

Scroll to Top