Author name: Vivek Singh

Vivek Singh is the founder of Tareek-e-Jahan, a Hindi history blog offering evidence-based and exam-oriented perspectives on Indian history.

कौटिल्य का अर्थशास्त्र
ancient India

कौटिल्य का ‘अर्थशास्त्र’ और मौर्य काल की राजनीति

कौटिल्य और उनका ‘अर्थशास्त्र’: मौर्य काल की राजनीति और शासन    कौटिल्य, जिन्हें विष्णुगुप्त और चाणक्य के नाम से भी जाना जाता है, भारतीय इतिहास के महानतम विद्वानों में से एक थे। पुराणो में उसे “द्विजर्षभ” (श्रेष्ठ ब्राह्मण) कहा गया है। चन्द्रगुप्त मौर्य के सम्राट बनने के पीछे उनका महत्वपूर्ण योगदान था। वे तक्षशिला के […]

मेगस्थनीज़ की इण्डिका
ancient India

मेगस्थनीज और इण्डिका: मौर्यकाल का समाज और प्रशासन

मेगस्थनीज और उसकी इण्डिका    मेगस्थनीज एक यूनानी राजदूत था, जिसे सेल्युकस ‘निकेटर’ ने चन्द्रगुप्त मौर्य के दरबार में भेजा था। मेगस्थनीज भारत आने से पहले आरकोरिया के क्षत्रप के दरबार में भी सेल्युकस का राजदूत रह चुका था। अनुमान है कि वह ईसा पूर्व 304 से 299 के बीच पाटलिपुत्र में चन्द्रगुप्त मौर्य की

काल्पनिक चित्र में चन्द्रगुप्त मौर्य और चाणक्य, सिकंदर को हराने पर विचार करते हुए।
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चन्द्रगुप्त मौर्य: प्रारंभिक जीवन से साम्राज्य विस्तार तक की अनसुनी कहानी

चन्द्रगुप्त मौर्य का प्रारंभिक जीवन: रहस्यमयी शुरुआत   चन्द्रगुप्त मौर्य का प्रारम्भिक जीवन भी उनकी उत्पत्ति के समान ही अंधकारपूर्ण था। उनके बचपन के बारे में हमें अधिकांश जानकारी बौद्ध ग्रंथों से मिलती है। यद्यपि वह साधारण कुल में उत्पन्न हुए थे, लेकिन उनमें बचपन से ही महान बनने के सभी लक्षण थे।   चन्द्रगुप्त

Chandragupta Maurya as a child playing Rajkaleem - early days of the great Indian ruler
ancient India

क्या मौर्य वंश शूद्र था? ऐतिहासिक साक्ष्यों से जानें जाति की उत्पत्ति

मौर्य साम्राज्य – जाति, वर्ग और शूद्र-क्षत्रिय बहस   मौर्य साम्राज्य भारतीय इतिहास का एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक मोड़ था, जिसकी स्थापना सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य ने की थी। मौर्य वंश की उत्पत्ति, विशेषकर चंद्रगुप्त की जाति भारत के इतिहास में लगातार विवाद का विषय रही है। कुछ स्रोत उन्हें शूद्र बताते हैं, जबकि अन्य उन्हें

भारत में दास प्रथा का इतिहास,
ancient India

भारत में दास प्रथा: इतिहास, प्रकार और अधिकार

प्राचीन भारत में दास प्रथा    भारत में दास प्रथा की शुरुआत प्राचीन ऋग्वेद काल से मानी जाती है। ऋग्वेद में ‘दास’, ‘दस्यु’ और ‘असुर’ शब्दों का प्रयोग आर्यों से भिन्न वर्ण के रूप में हुआ है। कुछ विद्वान मानते हैं कि ये लोग द्रविड़ भाषा बोलते थे और इन्हें सैन्धव सभ्यता का निर्माता माना

एंग्लो-सिख युद्ध,
modern india

रंजीत सिंह के बाद पंजाब और एंग्लो-सिख युद्ध

  रंजीत सिंह के बाद पंजाब    रंजीत सिंह ने अपनी महान नेतृत्व क्षमता से पंजाब में एक सशक्त सिख राज्य की नींव रखी थी, लेकिन उनकी मृत्यु के बाद वह राज्य स्थिर नहीं रह सका। रंजीत सिंह का शासन सैन्य व्यवस्था पर आधारित था, और उनका तानाशाही तरीका था। जैसा अक्सर किसी व्यक्ति के

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