Medieval India

हुमायूँ की जीवनी: संघर्ष, निर्वासन, और सत्ता की पुनः प्राप्ति की कहानी

  नसीरुद्दीन मुहम्मद हुमायूँ   हुमायूँ का प्रारंभिक जीवन और सत्ता की चुनौतियाँ   नसीरुद्दीन मुहम्मद हुमायूँ का जन्म 6 मार्च 1508 को काबुल में हुआ था। वह बाबर के चार पुत्रों में सबसे बड़ा था। बाबर ने अपनी मृत्यु से पहले हुमायूँ को अपना उत्तराधिकारी बनाया। 1530 में, बाबर की मृत्यु के बाद, हुमायूँ […]

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सावरकर: वीर या माफ़ीवीर

  विनायक दामोदर सावरकर   “हर आदमी में होते हैं दस बीस आदमी,जिसको देखना, कई बार देखना।”-निदा फ़ाज़ली विनायक दामोदर सावरकर इस नाम का जितना जिक्र होता है, उससे उसके उतने पहलू नजर आते हैं। एक हिस्से में वह एक महान क्रांतिकारी है, जिसमें अंग्रेज के खिलाफ आवाज उठाई और जेल गया, वह भी काला

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पूना पैक्ट: डॉ. अंबेडकर और महात्मा गांधी के बीच सांप्रदायिक समझौता

  पूना पैक्ट क्या है?   डॉ. भीमराव अंबेडकर और महात्मा गांधी के बीच 1932 में हुआ “पूना पैक्ट” भारतीय इतिहास का एक महत्वपूर्ण समझौता था। यह समझौता दलित समुदाय के अधिकारों, उनके राजनीतिक प्रतिनिधित्व, और भारतीय समाज में उनकी स्थिति को लेकर किया गया था। इस समझौते का भारतीय समाज और दलित चेतना पर

भारतीय रजवाड़ों की विलासिता दर्शाते महाराजा
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भारत के महाराजा और भारतीय रजवाड़ों की विलासिता

 सिर पर पगड़ी   राजा हो या रंक सिर पर पगड़ी हर किसी के लिए प्रतिष्ठा का सूचक होती है। उस दिन सिर पर पगड़ी बंधे एक नौकर, अपने हाथों में चांदी का ट्रे लिए हुए, कमरे में दाखिल होता है। यह ट्रे साल 1921 में ब्रिटिश सिंहासन के उत्तराधिकारी प्रिंस ऑफ वेल्स एडवर्ड के

headline in the newpaper about the surrender of Hyderabad to India
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हैदराबाद रियासत: निज़ाम, रजाकार और भारत में विलय की पूरी कहानी (1947-1948)

1947 में हैदराबाद रियासत : भारत के दिल में एक अलग साम्राज्य की कहानी   भारत की आज़ादी के साथ ही उपमहाद्वीप का नक्शा बदल रहा था। अंग्रेज़ों के लंबे शासन के बाद जब भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 लागू हुआ, तब देश के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी  – रियासतों का विलय। लगभग 562 रियासतें

कश्मीर का भारत-पाकिस्तान विवाद 1947 का नक्शा
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कश्मीर का भारत-पाकिस्तान विवाद: 1947 का इतिहास और भारतीय सेना की भूमिका

  कश्मीर का नाम लेते ही ज़ेहन में डल झील की तस्वीर उभरती है, कहवा की महक आती है, वाजवान का जायका आता है। और बैकग्राउंड में बेमिसाल मूवी का आनंद बक्शी साहब का लिखा गीत कितनी खूबसूरत यह तस्वीर है, मौसम बेमिसाल बेनजीर है, यह कश्मीर है यह कश्मीर है। लेकिन यही कश्मीर 1947

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