Indian polity

केसवानंद भारती केस: भारतीय संविधान का ऐतिहासिक फैसला और मूल संरचना सिद्धांत

  भारत का सुप्रीम कोर्ट केसवानंद भारती केस: भारतीय संविधान के इतिहास में संवैधानिक और ऐतिहासिक दृष्टिकोण परिचय – केसवानंद भारती केस   भारतीय संविधान में संसद को अनुच्छेद 368 के तहत संविधान में संशोधन करने का अधिकार दिया गया है, लेकिन यह शक्ति कितनी व्यापक हो सकती है, और इसके क्या सीमित दायरे हैं, […]

Medieval India

विजयनगर साम्राज्य: राजनीतिक शक्ति, सांस्कृतिक विरासत और पतन की कहानी

  विजयनगर साम्राज्य की स्थापना, समयावधि और संस्थापक विजयनगर साम्राज्य का उदय 14वीं शताब्दी में दक्षिण भारत के राजनीतिक और सांस्कृतिक पुनरुत्थान के प्रतीक के रूप में हुआ। विजयनगर साम्राज्य की विशेषता उसकी राजनीतिक स्थिरता और सांस्कृतिक समृद्धि थी। 1336 ईस्वी में हरिहर प्रथम और बुक्का प्रथम, दो भाईयों ने विजयनगर साम्राज्य की स्थापना की,

history

समुद्री रेशम मार्ग: भारत का ऐतिहासिक महत्व, व्यापारिक भूमिका, और आधुनिक प्रभाव

समुद्री रेशम मार्ग और भारत की भूमिका समुद्री रेशम मार्ग, जिसे प्राचीन विश्व के व्यापारिक तंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है, विश्व सभ्यता के इतिहास में व्यापार, संस्कृति, और विचारों के आदान-प्रदान का प्रमुख साधन था। इस मार्ग ने एशिया, यूरोप, और अफ्रीका के बीच आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनैतिक संबंधों को मजबूत किया।

modern india

राजा राममोहन राय की जीवनी: भारतीय समाज के प्रमुख सुधारक और सती प्रथा के खिलाफ अग्रणी

  राजा राममोहन राय राजा राममोहन रॉय को भारतीय पुनर्जागरण का अग्रदूत और भारत का प्रथम आधुनिक पुरुष माना जाता है। भारतीय सामाजिक और धार्मिक पुनर्जागरण के क्षेत्र में उनका विशिष्ट स्थान है। वे ब्रह्म समाज के संस्थापक, भारतीय भाषायी प्रेस के प्रवर्तक, जनजागरण और सामाजिक सुधार आंदोलन के प्रणेता तथा बंगाल में नव-जागरण युग

modern india

18वीं और 19वीं शताब्दी में भारत का पुनर्जागरण: सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक बदलाव

  18वीं और 19वीं शताब्दी में भारत में पुनर्जागरण का काल समाज, संस्कृति, धर्म और शिक्षा में व्यापक परिवर्तन लेकर आया। इस दौर को भारत के पुनरुत्थान का काल कहा जाता है, जब भारतीय समाज ने पाश्चात्य विचारों और आधुनिकता से प्रेरणा लेकर स्वयं को अंधविश्वास, कुप्रथाओं और सामाजिक रूढ़ियों से मुक्त करने का प्रयास

history

1966 का संसद हमला: गोहत्या आंदोलन, हिंसा और भारतीय राजनीति में उथल-पुथल

संसद भवन 1966 का संसद हमला: गोहत्या आंदोलन और भारतीय राजनीति का नाटकीय मोड़   भारत में 2001 का संसद हमला जनरल नॉलेज का आम सवाल बन गया है, जब लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों ने भारत की संसद पर हमला किया था। लेकिन इससे पहले, 7 नवंबर 1966 को संसद पर एक और हमला हो चुका

Scroll to Top