मुहम्मद बिन तुगलक की दक्षिण भारत नीति दर्शाता ऐतिहासिक दृश्य
Medieval India

मुहम्मद बिन तुगलक की दक्षिण भारत नीति : अभियान, प्रयोग और ऐतिहासिक परिणाम

भूमिका : मुहम्मद बिन तुगलक की दक्षिण भारत नीति   मुहम्मद बिन तुगलक की दक्षिण भारत नीति दिल्ली सल्तनत के इतिहास की उन नीतियों में से थी, जिनका उद्देश्य दक्षिणी राज्यों को केवल करदाता नहीं, बल्कि प्रत्यक्ष रूप से सल्तनत के अधीन प्रशासनिक इकाइयों में परिवर्तित करना था। इस नीति के अंतर्गत सैन्य अभियान, प्रांतीय […]

अलाउद्दीन खिलजी का दक्षिण भारत अभियान दर्शाता अभियानात्मक मानचित्र
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अलाउद्दीन खिलजी का दक्षिण भारत अभियान: नीति, विजय और ऐतिहासिक मूल्यांकन

  भूमिका : अलाउद्दीन खिलजी का दक्षिण भारत अभियान – ऐतिहासिक संदर्भ और महत्त्व   अलाउद्दीन खिलजी का दक्षिण भारत अभियान दिल्ली सल्तनत के इतिहास में एक महत्वपूर्ण और निर्णायक घटना के रूप में देखा जाता है। यह अभियान केवल सैनिक विजय की श्रृंखला नहीं था, बल्कि उत्तर भारत की सल्तनती सत्ता और दक्षिण भारत

सल्तनत कालीन भू-राजस्व व्यवस्था में राज्य और कृषक संबंध
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सल्तनत कालीन भू-राजस्व व्यवस्था : संरचना, नीति और ऐतिहासिक मूल्यांकन

  सल्तनत-काल की स्थापना के साथ ही सल्तनत कालीन भू-राजस्व व्यवस्था राज्य की आर्थिक संरचना का केंद्रीय आधार बन गई। मध्यकालीन भारत में, विशेषकर दिल्ली सल्तनत की राजस्व नीति के संदर्भ में, राज्य की स्थिरता और सैन्य-प्रशासनिक शक्ति सीधे उस आय पर निर्भर थी जो उसे भूमि से प्राप्त होती थी। भारत के कृषि-प्रधान सामाजिक

सल्तनत कालीन न्याय व्यवस्था में सुल्तान, क़ाज़ी और मुहतसिब
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सल्तनत कालीन न्याय व्यवस्था : संरचना, प्रक्रिया और ऐतिहासिक मूल्यांकन

  मध्यकालीन भारत में दिल्ली सल्तनत केवल एक राजनीतिक सत्ता नहीं थी, बल्कि वह एक ऐसी शासन-व्यवस्था थी जिसने न्याय, कानून और प्रशासन की अवधारणाओं को नए सिरे से परिभाषित किया। सल्तनत शासकों के समक्ष सबसे जटिल प्रश्न यह नहीं था कि सत्ता कैसे स्थापित की जाए, बल्कि यह था कि एक बहुधार्मिक, बहुजातीय और

दिल्ली सल्तनत का स्वरूप दर्शाता मध्यकालीन भारतीय शासन दृश्य
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दिल्ली सल्तनत का स्वरूप : राज्य, धर्म, सत्ता और समाज का ऐतिहासिक विश्लेषण

  किसी भी राज्य के स्वरूप को समझने के लिए उसे केवल शासन की संरचना या सत्ता के केंद्रीकरण तक सीमित रखना पर्याप्त नहीं होता। राज्य को उन लोगों की परंपराओं, विचारों और विश्वासों के संदर्भ में देखा जाना चाहिए जिन पर वह शासन करता है। इसके साथ-साथ समाज की संरचना, विशेषतः शासक वर्ग का

विजयनगर साम्राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था दर्शाते हम्पी के खंडहर
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विजयनगर साम्राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था : संरचना, विशेषताएँ और ऐतिहासिक मूल्यांकन

दक्षिण भारत के मध्यकालीन इतिहास में विजयनगर साम्राज्य केवल सैन्य शक्ति या स्थापत्य वैभव के लिए ही नहीं जाना जाता, बल्कि उसके पीछे कार्य कर रही प्रशासनिक संरचना भी उतनी ही महत्वपूर्ण थी। एक ऐसे युग में, जब राजनीतिक अस्थिरता, निरंतर युद्ध और क्षेत्रीय विविधता सामान्य स्थिति थी, विजयनगर शासकों ने प्रशासन को राज्य-निर्माण का

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