कनिष्क कालीन आर्थिक व्यवस्था: अंतर्राष्ट्रीय व्यापार, स्वर्ण प्रवाह और नगरीकरण
कनिष्क का युग और आर्थिक परिवर्तन का संदर्भ द्वितीय शताब्दी ईस्वी का काल प्राचीन भारतीय इतिहास में एक ऐसे संक्रमण को चिह्नित करता है, जब भारत केवल एक क्षेत्रीय शक्ति न रहकर क्रमशः एक अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक तंत्र का अभिन्न अंग बनता है। इस परिवर्तन की केन्द्रीय धुरी कुषाण शासक कनिष्क का शासनकाल था। […]






