Author name: Vivek Singh

Vivek Singh is the founder of Tareek-e-Jahan, a Hindi history blog offering evidence-based and exam-oriented perspectives on Indian history.

Medieval India

इब्नबतूता: दुनिया के महानतम यात्रियों में से एक की अद्वितीय जीवनी

  “इब्नबतूता पहन के जूता, निकल पड़े तूफ़ान में,” यह गीत न केवल एक हल्के-फुल्के अंदाज़ में इब्नबतूता की रोमांचक यात्राओं को बयान करता है, बल्कि उस जिजीविषा और साहस का प्रतीक भी है, जिसने इस महान यात्री को इतिहास के पन्नों में अमर कर दिया। चौदहवीं सदी के इस अद्वितीय मुसाफिर ने अपनी यात्राओं […]

पानीपत का दूसरा युद्ध और सम्राट हेमू
Medieval India

पानीपत का दूसरा युद्ध: सत्ता, रणनीति और इतिहास के निर्णायक मोड़ की पड़ताल

  भूमिका और हेमू का प्रारंभिक जीवन   भारतीय इतिहास के पन्नों में पानीपत का दूसरा युद्ध (1556 ई.) वह निर्णायक मोड़ था जिसने उत्तर भारत की सत्ता को हमेशा के लिए मुगलों के अधीन कर दिया। यह युद्ध न केवल दो शक्तियों, मुगल साम्राज्य और अफ़ग़ान-सूरी वंश के बीच संघर्ष था, बल्कि यह भारत

history

भारत में शिक्षा का इतिहास: गुरुकुल से विश्वविद्यालय तक की यात्रा

  प्राचीन काल में गुरुकुल भारत की शिक्षा प्रणाली का इतिहास अत्यंत समृद्ध और विविधतापूर्ण है, जो प्राचीन काल से लेकर आधुनिक युग तक फैला हुआ है। शिक्षा का प्रारंभिक स्वरूप गुरुकुल और आश्रमों से शुरू होकर आज के डिजिटल और तकनीकी युग तक पहुंचा है। प्रत्येक कालखंड में शिक्षा के उद्देश्यों, माध्यमों, और स्वरूप

Indian polity

केसवानंद भारती केस: भारतीय संविधान का ऐतिहासिक फैसला और मूल संरचना सिद्धांत

  भारत का सुप्रीम कोर्ट केसवानंद भारती केस: भारतीय संविधान के इतिहास में संवैधानिक और ऐतिहासिक दृष्टिकोण परिचय – केसवानंद भारती केस   भारतीय संविधान में संसद को अनुच्छेद 368 के तहत संविधान में संशोधन करने का अधिकार दिया गया है, लेकिन यह शक्ति कितनी व्यापक हो सकती है, और इसके क्या सीमित दायरे हैं,

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विजयनगर साम्राज्य: राजनीतिक शक्ति, सांस्कृतिक विरासत और पतन की कहानी

  विजयनगर साम्राज्य की स्थापना, समयावधि और संस्थापक विजयनगर साम्राज्य का उदय 14वीं शताब्दी में दक्षिण भारत के राजनीतिक और सांस्कृतिक पुनरुत्थान के प्रतीक के रूप में हुआ। विजयनगर साम्राज्य की विशेषता उसकी राजनीतिक स्थिरता और सांस्कृतिक समृद्धि थी। 1336 ईस्वी में हरिहर प्रथम और बुक्का प्रथम, दो भाईयों ने विजयनगर साम्राज्य की स्थापना की,

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समुद्री रेशम मार्ग: भारत का ऐतिहासिक महत्व, व्यापारिक भूमिका, और आधुनिक प्रभाव

समुद्री रेशम मार्ग और भारत की भूमिका समुद्री रेशम मार्ग, जिसे प्राचीन विश्व के व्यापारिक तंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है, विश्व सभ्यता के इतिहास में व्यापार, संस्कृति, और विचारों के आदान-प्रदान का प्रमुख साधन था। इस मार्ग ने एशिया, यूरोप, और अफ्रीका के बीच आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनैतिक संबंधों को मजबूत किया।

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